जैसा कि आप सब जानते हो की मनुष्य ही धरती पर एक मात्र प्राणी है जिसमें सोचने के बाद कल्पना का स्वतंत्रता निहित है ।
इसकी वजह से भौतिक रूप से विश्व का बहुत विकास अनेक क्षेत्रों में जैसे विज्ञान, तकनीक, उद्योग, सेवा इत्यादि में तेजी के साथ हुआ ।
आजकल युवाओं में भारतीय मूल्यों के आधार पर चरित्र निर्माण की कमी दिखाई दे रही है ।
आज की शिक्षा पद्धति में मानव मूल्य व नैतिकता नहीं रही ।
वर्तमान युग में पढ़ाने के तौर तरीके व पाठ्यक्रमों में दी जा रही सामग्री में कोई तालमेल नहीं है। जिससे समाज में अपेक्षित बदलाव नहीं हो पा रहा है।
आज की शिक्षा पद्धति केवल भौतिक सुख तक ही सीमित है उन्हें वह आध्यात्मिक ज्ञान के बारे में कुछ भी मालूम नहीं है ।
विश्व में केवल भारतीय दर्शन है जो हमें सिखाता है कि प्रत्येक मनुष्य भगवान का अंश है, इसे हर एक मनुष्य को ईश्वर के रूप में देखा जाता है।
समाज में हो रहे पतन का कारण खराब शिक्षा पद्धति है।आवश्यक है कि संस्कार युक्त शिक्षा को स्कुल व विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए शिक्षा को संस्कारित बनाना उतना ही जरूरी है जैसे पतंग उड़ाने के लिए पतंग का डोर से बने रहना ।
इस विश्व में संत रामपाल जी महाराज जी एकमात्र ऐसे संत है जो समाज सुधार का अनमोल कार्य कर रहे हैं ।उनके द्वारा बताए गए नियमों में हर नियम समाज सुधार के नियम ही है उनके अनुयाई अच्छी तरीके से एक अच्छे समाज का निर्माण कर रहे हैं।
आप सभी से निवेदन है कि आप भी संत रामपाल जी महाराज से जुड़े और अपनी शिक्षा जो कि केवल भौतिक सुख तक ही सीमित है उसे आध्यात्मिकता की ओर भी ले जाए।
अवश्य देखें संत रामपाल जी महाराज के अनमोल वचन
साधना टीवी पर शाम 7:30 बजे
ईश्वर टीवी पर शाम 8:30 बजे
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